Tuesday, January 27, 2015

Inscription


I write about you
the most mundane
and ordinary ways

-on that chocolate wrapper
that speaks of possessiveness
"mine, also mine"

-on the mirror
that looks opaque
with the steam of hot water

-on clay near the pavement
I remove my shoes
and write with my right toe

-on the last pages
of my notebook
I just scribble

-in the dust
that gathers around
desks and tables

I write.
knowingly, unknowingly

the most mundane
and ordinary

are perhaps the ones
that stay.

Thursday, January 15, 2015

नंगे पैर

नंगे पैर
किसी नए शहर में चलना शायद कौतुहल को ढूँढने जैसा होता है. सड़कें लम्बी लगने लगती हैं, मगर चौड़ी नहीं. कई लोगों से टकराना होता है, कई दुकानों की खिड़कियां हथेलियों से छूती हैं. मैं हमेशा इसी तरह एक शहर देखती हूँ. दिशाओं को याद रखना मुश्किल लगता है, तो लोगों के चहरे, विज्ञापन से भरी हुई इमारतें, कुछ पेड़- आड़े, तिरछे, ये सब मेरे दिशासूचक बन जाते हैं. प्राग में मेरा यह दूसरा दिन था. पहले दिन जूतों से पैर छिल गए थे, लेकिन आज आराम करने का मन ही कहाँ। लगता है की जैसे समेट लूँ, चल कर सारे शहर को.
अपने वही जूते निकाले मैंने, और साथ में एक बैग. हालांकि ज़्यादा कुछ रखने को नहीं मेरे पास, मगर बैग को टाँगे बिना अनमना सा लगता है. अजीब है, चीज़ें भी अंग के मुकाबले हो जाती हैं. बाहर मौसम कुछ ठंडा सा है, तो एक ओवरकोट भी. निकलते ही एक लड़का दिखाई देता है, वह एक बड़े से काले बोर्ड पे मेनू लिख रहा है. उसे दिखाई दे रहा है की मैं अपने पैर को थोड़ा धीरे से संभल कर रख रही हूँ. अब फिर से दर्द होने लगा था, मैंने उसीके सामने फीते खोले और हाथ में जूतों को टान लिया. उसने अंगूठा सहमति में दिखाया।  बस, इसी गली के बाहर से मुझे चार्ल्स ब्रिज की और जाना है. तलवों में थोड़ी सी ठण्ड तो लगती है, लेकिन सड़कों से बात-चीत भी होती है. बसों के निशान जैसे कुछ भाग में मेरे हिस्से बँट गयी हो. इस शहर में कागज़ बहुत हैं शायद, हर पग पर किसी कागज़ का सिरा मेरे नंगे पैरों से टकराता है। एक दो बार उठा कर भी देखा, ज़्यादातर म्युज़ीयम्स के, कुछ ओर्केस्ट्रा के, तो कुछ कार्निवल के. पैर नीचे से काले से हो गए हैं, नहीं शायद मैल नहीं। भला शहरों का भी मैल हुआ करता है क्या!
चार्ल्स ब्रिज पर आज बहुत भीड़ है, इस ब्रिज पर हर थोड़े दूर में एक स्तम्भ और मूर्ति है, मगर यहाँ मेरे पैरों में खुरदुरे रास्ते की चुभन होती है. मगर ये नदी इतनी सुन्दर से कि मन नहीं करता आगे बढ़ने को. कई बार हम शायद दर्द को तौलते हैं, कई बार हम न चाहकर भी अपनी दर्द, ख़ुशी को तवज्जो देते हैं. फैसले ऐसे ही होते होंगे, छोटे, बड़े. और पैरों की चुभन को तो बर्दाश्त किया ही जाना चाहिए. आगे बहुत आवाज आ रही है. एक बाग़ है, जहाँ काफी लोग जमा हैं. हर कोई नारंगी रंग के फूलों की माला पहन के जा रहा है. वहां एक लड़की जोर से गाने लगाकर सबको डांस सीखा रही है. यहीं आ गयी हुँ. मैंने भी पुछा, क्या मैं कर सकती हूँ? उस ने बड़े से मुस्कान के साथ कहा, हाँ! यहाँ तो घास है, मुलायम घास को महसूस करना शायद कुछ बेहतरीन चीज़ों में से एक है. जोर से पैर पटकने पर, नीचे की ज़मीन भी स्पर्श होती है. ऐसा नहीं है की इसकी वजह से मैं आगे घास के बारे में न सोचुं. कई बार कुछ चीज़ें दर्द देती हैं, मगर वो दुःख नहीं देतीं। भेद है इन दोनों में.
शाम को पैरों में कांच की चुभन, कुछ लोग इतने खुश हैं यहाँ की उन्होंने बोतलें यूँ ही फ़ेंक दी हैं. लेकिन उनके इतने छोटे टुकड़े हैं कि पैरों में वो बस हलके से चुभते हैं, उनके होते हुए भी मैं चल पाती हूँ. कई बार सिर्फ ध्यान देने पर कांच दिखाई देते हैं, कई बार बस महसूस होते हैं. मगर सफर रुकता नहीं। जिन्होंने ये बोतलें फेंकी हैं, उन में से कुछ लड़के-लड़कियां हाथ थामे हैं, जैसे फेंकना गुनाह नहीं था, वैसे इस तरह भरी सड़क में खड़े रहना भी गुनाह नहीं हुआ । आज़ादी हर उस छोटे से अवकाश में होती है, जब आप कुछ और भी कर सकते थे.

रात की सड़क, होटल की सीढियाँ, कुछ बिखरे पत्ते और वो कमरा। यहीं मेरे नंगे पैर थक के चूर हुए, और मुझसे दूर कहीं सो गये.



Saturday, January 10, 2015

Cartography


To my left is your bank
I know the manager has been
troubling you for signatures
you told me
I should take another left
if I need to reach the market
In that small corner
there is a small chinese take away place
that we loved
are you sure, a right from there
would get me to the bus-stop?
 
Here, oh your newspaper stand
you always read newspapers
in the evening.
would a straight from here
take me to my favorite bakery shop
that you have remembered?
 
This metro station has two exits
but I always get confused
where to buy the iron from
you showed me the tea place in the corner
do you think I'll be able to reach?
Is it important to have
lines and directions
latitudes and longtitudes
for all the places you want to go?

-Nishpriha